क्या Gleeden शादीशुदा और रिलेशनशिप में रह रहे कपल्स के लिए खतरा है, या यह 2026 में बदलते भारतीय रिश्तों की कड़वी सच्चाई उजागर कर रहा है? सेक्सुअल रेवोल्यूशन छोटे शहरों में हो रहा है। आप बोलेंगे क्या बात कर रहे हो सर? टाइम्स ऑफ इंडिया का ये बहुत ही अच्छा आर्टिकल है।
“Gleeden 2026: क्या यह शादियां तोड़ रहा है या भारत में टूटते रिश्तों की सच्चाई सामने ला रहा है?”
Gleeden in 2026: Destroying Marriages or Revealing the Reality of Broken Relationship Norms in India?”
तो यू नो इकोनॉमिक्स टाइम्स में वैसे ये छपा था। जैसे मुजफ्फरपुर में मुजफ्फरपुर में क्या हुआ कि एक आदमी एक पति वो शक करता है अपनी बीवी के ऊपर। उसको लगता है कि मेरी बीवी जो है वीकेंड पे भाग जाती है किसके साथ? तो एक प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर को हायर करता है जो कि एक मिल्कमैन एक दूध वाला बनके उनके घर के आस पास घूमता है। अब वीकेंड को यह शाम को जाती है और अगले दिन दोपहर में आती हैं। भाई बता के तो कुछ और जा रही हैं कि मायके जा रही हूं कि कहीं जा रही हूं। लेकिन इनका जो ट्रेस है जब मतलब इसको ट्रेस किया जाता है वो एक गेस्ट हाउस में ये जाती हैं। अब यह वैसे बोलती है मैं मायके जा रही हूं या फिर कभी-कभी बोल देती है मैं मंदिर जा रही हूं। अब एक दिन के लिए कौन मंदिर जाता है?
लेकिन बात यह है कि जैसे ही वह शाम को बाहर निकलती है और अगले दिन दोपहर को घर आती है और एक्सप्लेनेशन है कि टेंपल में जा रहे हैं या फिर घर में मायके मम्मी से मिलने जा रहे हैं। पता चलता है नो यह तो एक गेस्ट हाउस में जा रही हैं। और यह किससे गेस्ट हाउस में मिलने जा रही हैं? Instagram पे इनकी मुलाकात हुई थी एक लड़के से। ठीक है ? और यह Instagram पे जो msgs है वो ये साफ-साफ बता देती हैं।
ऐसे ही एक औरत इंदौर की वो यह डिस्कवर करती है कि उसके पति का अफेयर है। ठीक है? किसके साथ अफेयर है और कैसे पता चला? कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए औरत जो है पत्नी जी जो है वो इन मुंबई में ठहरी हुई थी। जिस होटल में वो ठहरी हुई थी उसी होटल में यह महानुभाव में रुके हुए थे। और पता चलता है कि यह ऑफिस में काम करती है जो एक सहकर्मी है।
कोल्ड प्ले के स्कैम देखा ना आपने जब सीईओ एंडी बैरन जो है वो अपनी एचआर चीफ क्रिस्टन कैबिट के साथ देखे गए और जैसे ही वो इनके पास स्कैम आया उन्होंने मुंह रख लिया। उनको पता था कि मैं पकड़ लिया गया हूं। अब ये दोनों जो है वो छुप के प्यार कर रहे थे और दोनों शादीशुदा हैं। क्या किया जाए? और एकदम यह वायरल हो गया।
लेकिन इंडिया का वर्जन काफी शांत है। काफी क्वाइट है। आप समझ रहे हो? चुपचाप है। वह ज्यादा आपको शोर मचाता हुआ नहीं दिखेगा। Gliden एक एक्स्ट्रा मेरिटल डेटिंग ऐप है। आकड़ें कहते हैं कि भारत का यूजर बेस 2024 में 270% जो हैं वो बढ़ गया है। हाउ इट इज पॉसिबल? यूजर्स अब 35 लाख पर आ गए हैं। बेंगलुरु, न्यू दिल्ली, मुंबई तो है ही लेकिन जयपुर, लखनऊ, भोपाल, चंडीगढ़, वड़ोदरा वो भी पीछे नहीं है।
क्या बात है? कांचीपुरम जो है वो एक नया चीटिंग हब जो है क्योंकि कांचीपुरम में बहुत सारे लोग आ रहे हैं। एक्टिव यूजर्स की बाढ़ आ गई है भाई। अब इन्फिडेलिटी जो है इट्स नो लोगर दी स्टफ कि नहीं यह इकॉनमी बन गया है। डे स्टे होटल्स खुल गए हैं। इंक्रिप्टेड डेटिंग एप्स आ गई हैं। थेरेपी सेशंस आ गए हैं। प्राइवेट डिटेक्टिव हैं लॉयल्टी टेस्ट के लिए।
चंडीगढ़, देहरादून, लखनऊ, जयपुर, भोपाल, इंदौर, वडोदरा, पुणे, कांचीपुरम 40% जो शेयर है वो इन शहरों से आया है। नॉन मेट्रो सिटीज इमोशनल ट्रैपिंग की लिपस्टिक स्टेन या लेट नाइट एल्विस आपको लगता था कि यार शर्ट में लिपस्टिक स्टेन है? ओहो प्रॉब्लम हो गई। लेकिन अब क्या हो रहा है भाई?
अब Instagram प्राइवेट कन्वर्सेशन सोशल मीडिया प्लेटफार्म पे जो हो रही हैं वो इनविजिबल है। कुछ तो कुछ लोगों ने तो कम्युनिटी बना रखी है। ये जो डिजिटल आर्काइव है ये इंडिविजुअल्स को एक दूसरे से कनेक्ट करवाती है। है ना? स्मार्टफोन जो है वो आपको बहुत जबरदस्त प्राइवेसी देता है और एक अलग ही दुनिया में आपको ले जाता है। जो आपको लगता है कि यार दाल चावल खा के बहुत बोर हो गए। ऐसा ही होता है ना। चीटिंग जो है इट्स अ सिस्टम ऑफ कहते हैं ना कि जब हमारी इच्छाएं पूरी नहीं होती है तो हम चीट करेंगे।
चाहे वो इमोशनल हो, फिजिकल हो या फिर स्पिरिचुअल हो। है ना? और कई बार हम इसको एक्सप्रेस नहीं कर पाते। लेकिन दोस्तों एक्सप्रेस करना बहुत जरूरी है। कुछ लोगों की आदत होती है। याद रखिए कि जिंदगी बर्बाद हो जाती है। आपको लगता है कि कुछ नहीं होगा, बढ़िया है। खत्म हो जाएंगे आप। कुछ भी करने से पहले उसका कोसेक्वेंसेज याद रखें। टेक्स्टिंग, फ्लर्टिंग, मीम शेयर करना या फिर लेट नाइन बात करना या कभी-कभी घूमने भी जाना। डिजिटल इंटिमेसी जो है वो थिंग्स को काफी कॉम्प्लिकेट कर देती है।
क्वेश्चन यही है कि क्या आप यू आर ओके? कि अगर मान लो आपके पार्टनर इन मैसेजेस को पढ़ ले तो जाहिर सी बात है कि पार्टनर आप खत्म कर देगा आपको तुरंत छोड़ के चला जाएगा। अब मुजफ्फरपुर में यह देखिए हो रहा है। मुजफ्फरपुर तो बहुत ही छोटा शहर है बिहार का। है ना? पहले था कि कम्युनिटी आपको देखती थी। फिजिकल सर्विलेंस होता था। लोग बताते थे कि देख रहे हो कि वो कहां जा रही है, किधर जा रही है। लेकिन अब प्राइवेट मैसेजिंग है, डिजिटल रिकनेक्शन है। कोई आपको नहीं बताएगा। तो बड़ा ग्लिडन और या एक्चुअली मेडिसिन उन्होंने मतलब ग्लिडन की जो अभी सर्वे उन्होंने किया 61% इंडियन यूजर्स वो बिलीव करते हैं कि monogamy यानी कि एक से शादी करना हम एक हैं। है ना? एक जिस्म एक जान दो जिस्म एक जान वैसा कुछ सोलमेट कि तुम ही से शादी करेंगे। ये बकवास है। ये सोसाइटी ने हम पे थोपा है।
41% कहते हैं कि हम ह्यूमन नेचर्स के अगेंस्ट बिल्कुल जाएंगे। अब अजीब बात है कि प्लेटफार्म एक्स्ट्रा मेरिटल कनेक्शन gliden इसीलिए तो है ही स्पेशली इंडियन वूमेंस दे आर नॉट ऑलवेज सीकिंग फिजिकल एनकाउंटर्स क्योंकि आदमी को तो लगता है कि भैया बस फिजिकल एनकाउंटर्स करो तो मजा आएगी नहीं ऐसा नहीं है दे आर नॉट ऑलवेज सीकिंग फिजिकल एनकाउंटर्स और वो ह्यूमन नेचर के खिलाफ मेरा मानना ये है कि आंख अगर आप देखिए क्या होता है ना कि जब तक मैंने क्या बताया काउंसिक्वेंसेस पर ध्यान दीजिए ये बोल जरूर रहे हैं कि monogamy social imposition है।
मेरे भाई जो तुम कर रहे हो क्या तुम बर्दाश्त कर पाओगे कि तुम्हारी बीवी या तुम्हारी गर्लफ्रेंड वही करे या तुम अगर तुम एक लड़की भी हो तो क्या तुम बर्दाश्त कर पाओगे तुम्हारा हस्बैंड वो करे? हमको लगता है कि हम कर रहे हैं दूसरा ना करें। हम तो 50 पाप कर दें। लेकिन दूसरा जो है वो एकदम सती सावित्री या एकदम सतीश सत्यवादी हरिश्चंद्र की तरह जो है वो रहे। हम ये भूल जाते हैं। अगर तुमको लिबरल बनना है तो सबको वही उसी पैमाने पर रखो जिस पे तुम हो। लेकिन तुम ऐसा नहीं कर पाओगे क्योंकि तुम इमोशनली पागल हो। ठीक है? तुम्हारे पास कंट्रोल ही नहीं है। बहुत मुश्किल होता है।
इंडियन यूजर्स स्पेशली वूमेंस वो वर्चुअल कनेक्शंस देखती हैं। सिविल शेड्यूल कहते हैं। फिजिकल अफेयर्स जो है हो सकता है इसके बाद हो जाए। बट स्टार्टिंग पॉइंट फिजिकल अफेयर कभी भी नहीं होता है। विमेन जो हैं जो इस प्लेटफार्म को ज्वॉइन करती हैं जो फिजिकल इंटिमेसी मिसिंग है। जैसे फिजिकल इंटिमेसी अलग चीज होती है। जैसे मान लीजिए कि हग करना। ठीक है? जैसे हस्बैंड जो है वो पत्नियों का हग नहीं करते हैं या उनके साथ बैठते नहीं है। उनको प्यार से सहलाते नहीं है। उनके माथे पर नहीं चूमते। तो ये जो फिजिकल इंटिमेसी है अगर यह औरतों को नहीं मिलेगी। क्योंकि औरतों को चाहिए प्यार याद रखिएगा। तो फिर दे सर्च इट आउटसाइड द मैरिज और आदमियों को इमोशनल वेलेंडेशन कि हम चाहते हैं कि मुझे कोई चाहे डिजायर्ड वी वांट बीइंग वांटेड और डिजायर हमको करे मजा आ जाए। बहुत लोगों को तो पता भी नहीं है इसका फिजिकल एस्पेक्ट क्या है और उसके बाद ये सब चीटिंग आती है और छोटे-छोटे जो आज हर शहर में इंसान तो इंसान है। बड़े शहर थोड़े ज्यादा मॉडर्न हो गए हैं।
अब छोटे शहरों में भी आ रहा है। ठीक है? अब छोटी-छोटी कम्युनिटीज में इतना नहीं देखा जाता। एक्सप्रेशन जो है भाई चुपचाप बैठो या मारपीट के सीधा कर दिया जाता है औरतों को। औरतों को ज्यादा मारा जाता है कि आदमी मार सकता है। आदमी कुछ भी करे लेकिन बड़े शहरों में ऐसा नहीं होता है। और अब वही ट्रेंड जो है वो यहां पे फॉलो हो रहा है। तो वॉइड जो है जो एक खालीपन है ना जो स्क्रीन के उधर साइड बैठे हैं वो फिल करते हैं। मैसेजेस कोई देखेगा नहीं। प्लेटफार्म हर जगह पहुंच गया है। यह टूल्स अलाउ करते हैं कि आप चुपचाप बात करें, इमोशनल बॉन्ड्स भी बना लें और ऑनलाइन रिलेशनशिप भी आप कर लें।
स्टार्ट तो आसान है। स्टार्ट कोई भी कर सकता है। मजा भी आती है लेकिन सीक्रेट अफेयर्स मेंटेन करना इतना आसान नहीं है। और सबसे बड़ी बात जब आपको पता है कि आपने तो खाली मस्ती मस्ती में शुरू किया था। हम तो फंस गए हैं। अगला इंसान हमसे इमोशनली एक्सपेक्ट करने लगा है। हमारे तो बीवी है, बच्चे हैं या हमारा पति है, बच्चे हैं। क्या करें हम?
निधि जो गुजरात बेस्ड मैरिज काउंसलर है वह बताती है कि मैं भोपाल और उदयपुर बहुत सारी मतलब इन शहरों से मैं औरतों को काउंसिल करती हूं। ठीक है? जहां पे औरत उतना ही कमाती है जितना आदमी कमाता है। बट दे आर डिजिटली से हैवी। और वो इस डिस्सटिसफेक्शन में जीना नहीं चाहती है। ठीक है? Gliden कहता है कि 40% जो न्यू इंडियन यूजर्स वो नॉन मेट्रो से आता है। और ऐशली मेडिसन उन्होंने बोला कि फर्स्ट टाइम यूजर्स स्मॉल टाउन से आ रहे हैं। यानी कि छोटे-छोटे जो शहर हैं लॉयर्स भी इसको नोटिस कर रहे हैं।
वंदना शाह जो कि मुंबई बेस्ड डाइवोर्स अटॉर्नी वो बोलती हैं कि केसेस ऑफ इन्फिडेलिटी काफी आए हैं। बहुत ज्यादा मेट्रो और स्मॉल टाउन से। और देखिए क्या होता है ना कि भाई अगर आप इफ यू आर नॉट फेथफुल टू हस्बैंड या मान लीजिए कि आपकी अगर फेथफुल नहीं है इन्फिडेलिटी का यही तो मतलब है तो ये दैट इन वायलेंस अभी हमने देखा अभी कहां अभी मैं शहर भूल रहा हूं
लेकिन एक खबर है दोस्तों कि हस्बैंड ने मार दिया अपनी बीवी को जयपुर में वूमेन और उसका लवर जो है सीसीटीवी कैमरा में वो पकड़ा गया और अब उसमें क्या था उसने उसने अपने हस्बैंड की बॉडी ली हुई थी।
गुवाहाटी में भी एक आदमी को अरेस्ट किया गया। अपनी वाइफ को मार दिया। क्यों मार दिया?
शक की बिना पे मेरठ में एक आदमी को मर्डर हो गया। जब उसने ये देखा कि उसकी वाइफ का अफेयर है। लेकिन उसने डाइवोर्स नहीं दिया।
लुधियाना में भी सेम चीज एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर। बहुत जगह जो है आपको ये कहानियां हर जगह ही सुनने को मिलेगी बेसिकली। राइट? अब ये इकॉनमी है। ये बड़ी इकॉनमी है। ये इकॉनमी चल रही है। एप्स जो है वो इसको प्रमोट कर रहे हैं। आपको क्रेडिट्स मिलते हैं। और क्रेडिट जो है वो आप use कर सकते हैं। जैसे ग्लिडन एक मैसेज के पांच क्रेडिट मिलते हैं। और आपको 30 क्रेडिट तो मिल ही जाते हैं फ्री में। ठीक है? 30 क्रेडिट आपको 1850 में मिलेंगे। आदमी ज्यादा है। जाहिर सी बात है 65% कम्युनिटी में आदमी हैं। औरतें कम है। 35% है। लेकिन ज्यादातर आदमी जो है इंडियन यूजर्स वो इनविजिबल मोड पे हैं।
तो यही है आदमी ज्यादा क्रेडिट को खरीदते हैं जो कि 100 क्रेडिट के 599 हैं और आठ क्रेडिट आपको चाहिए ताकि कनेक्शन रिक्वेस्ट भेज सकें आप और एक बार फीमेल एक्सेप्ट कर लेती है तो चैटिंग फ्री है। यानी कि फीमेल अगर एक्स आपके रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लेगी तो आप कितनी भी देर तक फ्री में चैट कर सकते हैं।
ऐसे ही भाई early होटल्स हैं। वो भी एक नया मार्केट है। ब्रेविस स्टे, ,माय स्टे, अर्ली रूम्स कोई भी आपसे सवाल नहीं पूछा जाएगा। ₹500 3 घंटे का दे दो। ब्रेविस स्टे 2016 में नोएडा में फाउंड हुआ और 3.5 करोड़ इसने रेस कर लिए। आज 70 से ज्यादा सिटी में शहरों में ये ऑपरेट करता है। तो ये एक साइलेंट मार्केट हुआ कि नहीं? रेवेन्यू 9 करोड़ का इसने जनरेट कर दिया। ये सेम चीज एक्सेलेर वेंचर्स My stay उन्होंने भी 2 करोड़ जो रेज किए हैं वैल्यूएशन 12 करोड़ पे। और अब मेक माय ट्रिप हो गया। go ibibo ये सब भी early बेसिस पे आपको होटल्स प्रोवाइड कर रहे हैं।
न्यू दिल्ली का एक प्राइवेट इन्वेस्टिगेशन बताती है कि पार्टनर के लॉयल्टी टेस्ट बहुत होते हैं। प्रीमैरिटल बैकग्राउंड चेक्स बहुत होता है। ये दो चीजों पे हमको बहुत आता है कि एक तो शादी होने से पहले आप मेरिटल प्रॉपर उसके बारे में पता लगाइए। और एक पार्टनर कितना लॉयल है। इस सर्विस की कॉस्ट ₹00 है। लेकिन आज ₹00 से 2 लाख तक हम चार्ज कर रहे हैं। कॉम्प्लेक्सिटी पे डिपेंड करता है। जीपीएस ट्रैकर्स, फोन मिररिंग इनफैक्ट डिक सेटअप भी जहां पे एक्टर जो है वो पार्टनर की लॉयल्टी को टेस्ट करता है। तो ये भी बिजनेस आ गया है। थेरेपिस्ट भी इसमें आ गए हैं। तो देख सकते हैं कि क्या गजब इकॉनमी चल रही है। इसी को तो कह रहे हैं सेक्सुअल रेवोल्यूशन कि इंडिविजुअल जो है भाई सब कुछ टूटने के बाद वो आते हैं काउंसलिंग के लिए। इट्स नॉट कि भाई हमको एक्स्ट्रा मेरिटल रिलेशनशिप एंड करना है कि इमोशनल कॉम्प्लेक्सिटी क्या है? इन्फिडेलिटी इट ऑक्युपाई अ ग्रे स्पेस। आप समझ रहे हो? फैमिली कोर्ट्स दे आर फ्लोडेड विद स्क्रीनशॉट्स। आसान नहीं है मेरे भाई। इतना आसान नहीं है।
एडल्ट्री को डिक्रीमिलाइज किया गया। लेकिन डाइवोर्स लेना भारत में इतना आसान नहीं है और सब कुछ लॉक पे लॉक पड़ा हुआ है। ये चीज है। हालात बहुत खराब हैं। अच्छे भी हैं। आप इसको अच्छा भी कह सकते हो और खराब भी कह सकते हो। अब ये आपके ऊपर डिपेंड करता है। मैं इसको खराब इसलिए कहूंगा क्योंकि इसकी वजह से लोगों में अकेलापन बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। इसकी लोग इसकी वजह से लोग एक्सप्रेस नहीं कर पा रहे हैं। लोग प्यार नहीं कर पा रहे हैं। तो प्रॉब्लम तो हो ही रही है। आपको क्या लगता है मुझे कमेंट बॉक्स में बताइएगा।
केस स्टडी (संक्षिप्त विश्लेषण) – एक इंटरनेशनल रिलेशनशिप साइकोलॉजिस्ट कोटा आरजे पवन के नज़रिए से
केस प्रोफाइल:
दिल्ली NCR का एक 34 वर्षीय मैरिड प्रोफेशनल (8 साल की शादी), जो भावनात्मक दूरी और कम्युनिकेशन गैप से जूझ रहा था। पार्टनर के साथ बातचीत सीमित, इंटिमेसी कम, और लाइफ रूटीन बन चुकी थी। इसी दौरान उसने एक एक्स्ट्रा-मैरिटल प्लेटफ़ॉर्म (जैसे Gleeden) जॉइन किया।
क्या हुआ?
शुरुआत में उसे “इमोशनल वैलिडेशन” मिला—कोई उसे सुन रहा है, सराह रहा है। धीरे-धीरे ये चैट्स छुपाव, झूठ और डुअल लाइफ में बदल गईं। घर में चिड़चिड़ापन बढ़ा, ट्रस्ट गिरा, और अंततः पार्टनर को शक हुआ। कन्फ्रंटेशन के बाद रिश्ता गंभीर क्राइसिस में पहुंच गया।
साइकोलॉजिकल इनसाइट
यह मामला “इन्फिडेलिटी” से ज़्यादा अनमेट इमोशनल नीड्स + कम्युनिकेशन ब्रेकडाउन का है।
व्यक्ति “अफेयर” नहीं, बल्कि सुना और समझा जाना खोज रहा था।
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म ने लो-रिस्क, हाई-डोपामिन एस्केप दिया।
कॉग्निटिव डिसोनेंस खुद को सही ठहराने के लिए तर्क—“मैं गलत नहीं, हालात गलत हैं।”
कपल डायनामिक्स
वर्षों से अनकही अपेक्षाएँ जमा थीं।
क्वालिटी टाइम और comprehensive इंटिमेसी की कमी।
कॉन्फ्लिक्ट्स को टालना → इमोशनल दूरी बढ़ना।
समाधान और नई दिशा (2026 के लिए प्रैक्टिकल अप्रोच)
1. ओपन कम्युनिकेशन रिस्टोर करें – बिना जजमेंट के साप्ताहिक “रिलेशनशिप चेक-इन”।
2. इमोशनल नीड्स मैपिंग– दोनों पार्टनर्स अपनी जरूरतें स्पष्ट करें।
3. डिजिटल बाउंड्रीज़ सेट करें – पारदर्शिता और सीमाएँ तय करें।
4. कपल थेरेपी – गाइडेड, सुरक्षित संवाद के लिए।
Advocacy: Safe Alternative Approach
आज की सबसे बड़ी समस्या “सीक्रेट एस्केप” नहीं, बल्कि सुरक्षित और गाइडेड स्पेस की कमी है।
यहीं पर एक international verified, safe, hybrid emotional wellness ecosystem की जरूरत होती है—जैसे:TrueLove18Club International (Hybrid Relationship & Emotional Wellness Community)
क्यों जॉइन करें?
✔️ Verified & Safe Space – कोई hidden identity या toxic anonymity नहीं
✔️ Guided Emotional Support – एक्सपर्ट psychologists backed discussions
✔️ Couple Growth Programs – relationship rebuilding frameworks
✔️ Online + Offline Hybrid Model– digital + real human connection
✔️ Judgement-free Environment – जहाँ आप खुलकर बात कर सकें
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण
जहाँ Gleeden जैसे प्लेटफ़ॉर्म “escape” देते हैं, वहीं Truelove18club INTERNATIONAL जैसे safe communities “healing + growth” का रास्ता देते हैं
निष्कर्ष
रिश्ते तब नहीं टूटते जब कोई ऐप आता है,
रिश्ते तब टूटते हैं जब बातचीत बंद हो जाती है।
अगर आप अपने रिश्ते को बचाना, समझना और बेहतर बनाना चाहते हैं,
तो छुपकर नहीं—सही जगह पर खुलकर बात करना शुरू करें। और सही समय पर संबंध विशेषज्ञों की कम्युनिटी से जुड़कर बेहिचक समाधान ले अथवा लवटॉक पॉडकास्ट के एपिसोड हर शुक्रवार सुनना ना भूले
👉 Choose Healing over Hiding. Choose Growth over Escape.
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